रविवार, 5 मई 2013

मामा मामा आरे आवा पारे आवा ,रेल भवन के द्वारे आवा ,, चांदी की कटोरिया में दूध भात लेले आवा ,, भांजे के मुह में घुट । कुछ ऐसा ही गाकर माँ गाँव में खिलाती पिलाती थी । कुछ गलत हो तो सही कर दे । पर अजीब समय बदला है ;;; मेरी कोई बहन ही नहीं तो भांजा कहा से आया ? अच्छा बहन तो है पर उनके कोई बेटा ही नहीं । हाँ याद आया भांजा तो है पर उससे कोई सम्बन्ध ही नहीं है । अच्छा सम्बन्ध है ? तो मुझे नहीं सजा उसे दो । आरे आवा पारे आवा ,रेल भवन के द्वारे आवा आ आ आ आ आ ,घुट घुट घुट ,,, न न न न ।

शनिवार, 4 मई 2013

अगर आत्मा न बिक पाए तो क्या इसे मारा जा सकता है ? शरीर की हत्या और आत्महत्या के तो तमाम तरीके है । आत्मा की हत्या का तरीका किसी को पता हो तो जरूर बताइए दोस्तों ।
ये आत्मा कहा बिकती है ? पहली बार बिकना चाह रही है । है कोई खरीददार ??? शरीर और शरीर के अंग तो कही भी बिक जाते है और खरीददार भी बहुत है पर शुद्ध ,सच्ची और इमानदार आत्मा का भी कोई है क्या ??
इतने ज्यादा अख़बार ,मैगजीन और टी वी खोलने की इजाजत क्यों दे दी गई जिसके 1/ 100 भी पढ़े लिखे और समझदार लोग नहीं थे इस काम के लिए और हर बिना पढ़े लिखे और अज्ञानी को कलम और कैमरा पकड़ा कर धरती का भगवान बना दिया गया । ये कार्ल मार्क्स ,बापू ,रविन्द्र नाथ टैगोर से लेकर डॉ कलाम तक सभी को ज्ञान देने को तत्पर है ।
जब जिसके भी साथ रहो पूरी वफ़ादारी और इमानदारी से रहो और जिसके भी खिलाफ रहो पूरी ताकत से खिलाफ रहो ।कुछ भी आधा अधूरा मत करो न प्यार न दुश्मनी ।