रविवार, 26 जुलाई 2026

क्या अंधभक्तो की आंख खुलेगी

आइये #अंधभक्त गणों जरा याद करते है कि #आरएसएस और #भाजपा द्वारा चलाया गया भागे हुए ड्राइवर अन्ना का आंदोलन किस लिए हुआ था ? 

1- लोकपाल के लिए ! वो कहा है और क्या कर रहा है ? 
2- भ्र्ष्टाचार मुक्त भारत के लिए ? वो तो इस सरकार में कई गुना बढ़ गया है ! 

फिर देखते है कि नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत की नेकरधारी फौज ने क्या क्या वादे किए थे और क्या हुआ ?
1- विदेश से काला धन 100 दिन में आने वाला था 
पर वो तो स्विस बैंकों और मॉरीशस जैसी जगहों पर कई गुना बढ़ गया है ।
2- हर भारतीय के खाते में 15 लाख मिलने वाले थे 
पर हर भारतीय कई गए कर्जदार हो गया है ।
3- 100 दिन में महंगाई कम होने वाली थी ।
पर वो तो बेतहाशा बढ़ गयी है ।
4- 100 दिन में सारे भृष्टाचारी जेल जाने वाले थे और फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में फैसला होना था ।
पर भृष्टाचारी तो बढ़ गए है और पूरी सरकार उसमे लिप्त है ।
5- 100 शहर स्मार्ट सिटी बनने वाले थे ।
पर हर बारिश बता देती है कि सारे शहर नरक बने हुए है ।
6- 2022 तक किसानों की आय दुगुनी होने वाली थी 
पर रोज कितने किसान आत्महत्या कर रहे है 
7-हर साल 2 करोड़ रोजगार मिलने वाले थे 
पर 45 साल की सबसे बड़ी बेरोजगारी है 
8- पाकिस्तान से एक सर के बदले 100 सिर आने वाले थे 
पर कितने आये आप को पता होगा 
9- चीन को लाल आंख दिखाने वाले थे 
पर चीन लद्दाख और अरुणाचल में कब्जा करता जा रहा है और मुह से चीन का च भी नही निकला उल्टे उसे क्लीन चिट दे दिया कि न कोई आया है और न कोई घुसा है 
फिर चीन से वार्ता किस बात के लिए हो रही है ?
10 - पेट्रोल 30 रुपये लीटर देने का वादा था 
पर पेट्रोल 100 के पार चला गया है 
11- डॉलर जब 60 से 65 तक था तो उसके मुकाबले रुपया गिरने पर देश की इज्जत गिरती थी 
डॉलर के मुकाबले रुपया 100 के करीब पहुच गया 
12 - देश पर कर्जा होने की चिंता थी 
पर 2014 में देश पर जो कर्जा केवल 54 लाख करोड़ था वो आरएसएस की सरकार में 230 लाख करोड़ हो गया 
ये पैसा कहा गया 

ऐसे सैकड़ो वादे देश से किये गए थे पर हुआ क्या 
मिली नितांत असफल अयोग्य और दिवालिया सरकार 
देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गयी 
देश की विदेश नीति बर्बाद हो गयी 
देश की सुरक्षा नीति बर्बाद हो गयी 
देश की शिक्षा नीति बैबद हो गयी 
देश का भाईचारा बर्बाद हो गया 
देश का विकास बर्बाद हो गया 
देश की वैज्ञानिक सोच बर्बाद हो गयी 

अभी ताज़ा ताज़ा 

आप के पेट्रोल में 20℅ एथिनॉल मिलाया जा रहा है जिससे गाड़ी का एवरेज कम हो गया और गाड़िया खराब हो रही है ।

इस सरकार के समय मे कुल 152 पेपर लीक हुए है जिससे 7.5 करोड़ नौजवान प्रभावित हुआ है ।

शिक्षा का बजट कम कर दिया गया है ।
इतना कम की उसके बराबर पैसा नीट की तैयारी करने वाले छात्र एक साल में तैयारी में खर्च कर देते है ।
फौज में हजारों जगह खाली है पर 4 साल वाली अग्निवीर नौकरी देकर फौज को बर्बाद किया जा रहा है जिसके खिलाफ सभी जर्नल है ।
दो पूंजीपतियों को देश की सारी संपदा और जनता के पैसे से बने पोर्ट एयरपोर्ट स्टेशन इत्यादि दिये गए है और पूरा देश दी पूंजीपतियों के नाम किया जा रहा है 
क्योकि इनके आदर्श गोलवलकर ने लिखा था कि देश की सारी पूंजी एक दो पूंजीपतियों को से दो और जनता को इतना बदहाल बना दो को सिर्फ खाना मिल जाने को वो सरकार का एहसान माने 
तो वही किया जा रहा है और 80 करोड़ से ज्यादा लोगो को 5 किलो अनाज देकर एहसान से दबाया जा रहा है और उन्हें निकम्मा और निठल्ला बनाया जा रहा है ताकि वो कोई काम करने लायक ही नही बचे और 5 किलो की आस में सरकार के गुलाम बन रहे है ।

बहुत कुछ है कहने को 
पर 
आखिरी बात 
आरएसएस और भाजपा 2 एम पी वाली पार्टी थी परंतु भगवान राम के नाम पर दंगे करवा कर यहाँ तक पहुची 
परन्तु अपने भ्र्ष्टाचार से भगवान राम को भी नही बख्शा 
1-जब राम मंदिर आंदोलन चल रहा था तो 1600 करोड़ रुपया इकट्ठा हुए था वो कहा गया पता ही नही चला ।
उस समय भी लोगो ने सोने चांदी की शिलाएं और खड़ाऊं भेंट किया था वो पता नही कौन खा गया ।
2- राम मंदिर आंदोलन में जब अयोध्या में गोली चली थी तो केवल 16 जाने गयी थी जबकि वो भी बुरा हुआ था और वो जाने नही जानी चाहिए थी 
परन्तु इन लोगो के द्वारा इमारत तोड़ने और उसके बाद किये गए दंगे में 2000 से ज्यादा जाने गयी थी ।लाखो करोड़ की संपत्ति नष्ट हुई थी , दुनिया के दूसरे देशों में मंदिर टूटे थे और देश की साख खराब हुई थी तथा देश की एक बड़ी आबादी का दिल टूटा था ।

-- उस वक्त की सरकार ने भी कहा था कि या तो दोनो पक्ष आपस मे बात कर मामला सुलझा ले या फिर अदालत पर छोड़ दे 
तब आरएसएस, भाजपा और हिन्दू परिषद ने कहा था कि न बात करेंगे ,न अदालत जाएंगे ये आस्था का मामला है इसे जबरदस्ती लेंगे ।
3- जब चंद्रशेखर जी प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने दोनो पक्षो को साथ बैठा कर मामला सुलझा दिया था जिसपर मुस्लिम पक्ष ने हस्ताक्षर कर दिया पर हिन्दू परिषद ये कह कर बाहर निकला कि अभी आपस मे राय करके आते है परंतु वापस ही नही आया क्योकि इरादा राम मंदिर नही केवल राजनीति था ।
वर्ना तभी राम मंदिर बन गया होता और उन्हें दंगा करने का मौका नही मिला होता ।।

4- जब दंगो और झूठ के फैलाव के बाद इनकी सरकार बन गयी तब यही आरएसएस भाजपा और हिन्दू परिषद कहने लगे कि सबको अदालत का फैसला मानना चाहिए 
और 
मंदिर इन लोगो के कारण नही बल्कि अदालत के फैसले के कारण बना ।

5- मंदिर बनाने में लिए जमीन की खरीद शुरू हुई तो जो जमीन 15 मिनट पहले 2 करोड़ की किसी ने ख़रीदी वही 15 मिंनट बाद 18.5 करोड़ की खरीदी गई 
जो जमीन 3 करोड़ की खरीदी गयो वही जमीन कुछ ही समय मे 22 करोड़ की खरीदी गई 
मंदिर से 6 किलोमीटर दूर पता नही किस काम के लिए इसी तरह बहुत महंगी जमीन 100 करोड़ की खरीदी गई 
जब अंदर बनने लगा तो उसका काम देख रहे इंजीनियर वर्मा ने आरोप लगाया कि 40 से 50 % तक कमीशन लिया जा रहा है ।
अबु धाबी जो बहुत महंगा है वहाँ विशाल मंदिर 800 करोड़ में बन गया परन्तु राम मंदिर 2000 करोड़ से ज्यादा में बना ।

6- मंदिर में अकाउंट का काम देखने वाले ने 2021 में ही आरोप लगाया कि रोज 5 लाख की चोरी हो रही है तो उसे हटा दिया गया 

मंदिर में कुंभ के समय रोज करोड़ो का चढ़ावा आया 
हजारों लोगों ने सोने और चांदी की ईंट और पता नही क्या क्या दिया 
पर 
इन लोगो ने #भगवान_राम को भी नही बख्शा और उनके लिए आंदोलन के पैसे , मंदिर के लिए जमीन की खरीद के पैसे , निर्माण के पैसे और भगवान के चढ़ावे के हजारों करोड़ रुपये चुरा लिये ।
इतनी बड़ी रकम किसी व्यक्ति के बस की बात नही है । ये स्पष्ट होना है कि ये हजारों करोड़ आरएसएस को मिला या भाजपा को मिला ।
क्या इनके पंचतारा होटल नुमा बड़े बड़े दफ्तर इसी पैसे से बने है  

पूरे देश के करोड़ो रामभक्तों की आस्था को हिला कर रख दिया इन लोगो ने 
भगवान राम की शक्ति को भी चुनौती दिया है इन लोगो ने ।

बहुत कम लिखा है 
क्या इतना सब पढ़ और जानकर भी कोई अंधभक्त रह सकता है अभी भी 
या 
ये सब जानकर आरएसएस भाजपा देश से खत्म हो जानी चाहिए हमेशा के लिए ?
सवाल ये है ।