शनिवार, 11 फ़रवरी 2012

भा ज पा ऐसी निकलेगी ? संघ कहाँ है ?

भा ज पा का ये चेहरा क्या किसी ने सपने में भी सोचा था ? खुद को अलग चाल ,चरित्र और चेहरे वाली पार्टी कहने वाली भा ज पा ,खुद को संघ के पता नहीं किन आदर्शों में तली भुनी कहने वाली भा ज पा का ये चेहरा और ऐसे चेहरे ? १-पहले रास्ट्रीय अध्यक्ष का बंगारू लक्ष्मण का कैमरे के सामने पैसा लेना ,२-फिर दिलीप जूदेव का ये कहते हुए दिखाना की पैसा भगवान तो नहीं है पर भगवान से कम भी नहीं है और इसी सिद्धांत को मन कर भगवान को धोखा देना ,३-फिर एक संगठन मंत्री का नंगा एम् एम् एस ,४- फिर उत्तराखंड में भ्रस्ताचार के कारण बार बार मुख्यमंत्री बदलना ,४- फिर आखिरी तक बचाते हुए भी यदुरप्पा नामक मुख्यमंत्री का जेल जाना और उसकी सरकार पर तरह तरह के आरोप ,५-और राम को छोड़ कर उसी बाबु राम कुशवाहा को माला पहना कर पार्टी में लेना जिस पर सरे आरोप इन्होने लगाये थे ,और सबसे पवित्र कम अब कर दिया जब पार्टी में महान आदर्शवादी मंत्री विधान सभा के पवित्र सदन में महान पवित्र काम करते हुए और धार्मिक [ इनके अनुसार ] फिल्म देखते हुए पूरे देश ने देखा । शायद मुह छुपा कर कुछ दिन तक चुप रहना चाहिए था इनके नेताओं को पर वाह रे आदर्शवादी मित्रो सीना तन कर खड़े है देश के सामने अपने आदर्श का वर्णन करने को ।क्या संघ ने शाखाओं में यहिओ सिखाया है ? क्या कुछ लोगो के सवाल और आरोप सही है ? इन सूरमाओं को जवाब जरूर देना चाहिए ।देश भूला नहीं होगा की इन्होने सेना के जहाज से सबसे बड़े आतंकवादी को कहा पहुचाया था ,देश भूला नहीं होगा की पाकिस्तानी सेना घर में घुस आई और ये सत्ता के नशे में चूर थे ,देश भूला नहीं होगा की चार छोकरे तमंचे लेकर संसद में चले आये और ये सोते रहे और दोनों ही मौको पर देश के उन गरीब परिवारों के नौजवानों ने जान देकर देश और संसद को बचाया जिनके ये विरोधी है ,क्योकि ये सिर्फ जमाखोर ,मुनाफाखोर और मिलावटखोरों के साथ खड़े दिखाते है और उन्ही के लिए लड़ते है । अब देश तय करे की इनकी असलियत क्या है ? इनका भविष्य क्या होना चाहिए ?
उत्तर प्रदेश में चुनाव हो रहा है अब फैसला आप का की आप को ऐसे पवित्र लोगो के साथ क्या सलूक करना है ? फैसला आप का की आप सिर्फ बड़ी बड़ी बातें करते है सचंमुच जातिवाद ,धर्मवाद ,गुंडागर्दी .सम्पूर्ण चोरी करने वालों के साथ क्या करंगे ? जय हिंद ।

मंगलवार, 3 जनवरी 2012

दोस्तों बी जे पी खुद को पार्टी विद डिफरेंस या अलग चाल ,चरित्र और चहरे की पार्टी कहती है | पर आजकल उसका चरित्रं सारी जनता देख रही है ,पहले सुखराम को कांग्रेस ने निकला था तो बी जे पी ने गले लगा लिया था | पिछले कुछ दिनों से जिन्हें यह पार्टी अपराधी और महाभ्रस्ट कह रही थी दो दिनों में उन्हें ही गले लगा लिया और कहना ये है की बी जे पी तो गंगा है जो सबको पवित्र कर देती है | बाबू सिंह कुशवाहा से लेकर पता नहीं कौन कौन | अभी पता नहीं कौन कौन और पवित्र किया जायेगा ? आप जानते है न की ये वाही लोग है जो भ्रस्ताचार के खिलाफ लड़ाई का भाषण देते है रेड्डी ,यदुरप्पा ,जूदेव और बंगारू लक्ष्मन के साये तले,यही लोग है जिनके सबसे बड़े आका यानि संघ के प्रमुख और बाकी लोग अन्ना साहब को आन्दोलन शुरू करवाने का श्रेय भी ले रहे है और और सारे इंतजाम के साथ भीड़ जुटाने का भी | उनका दोहरा चरित्र तो फिर से चार दिन में ही सामने आ गया | अब देश की जनता और उत्तर प्रदेश की जनता इनके बारे में फैसला करे और इनके संगठनों में मौजूद वे लोग भी जो इन्हें सिद्धांतवादी और किसी तरह का विचारवादी समझ कर इनसे जुड़े है ,उन्हें भी रुक कर सोचना चाहिये ,विचार करना चाहिए और इनका साथ देने और इनके साथ होने पर मंथन करना चाहिए | सत्य सामने है | हाथ कंगन को आरसी क्या पढ़े लिखे को फारसी क्या ? जय हो अलग चल चरित्र और चहरे की | जय हो ऐसी भ्रस्ताचार विरोधी लड़ाई की | जय हिंद |

सोमवार, 28 नवंबर 2011

देश का व्यापारी वर्ग मिलावट करना ,नकली सामान ,मसाले ,दूध ,दवाई बनता रहे और १०२ करोड़ लोगो को बीमार बनाता जाये और सबसे बड़ा देशद्रोह करे पर आप इसे स्वीकार करिए कुछ नहीं कहिये ,बस सहिये ,ये व्यापारी २ रुपये किलो का आलू किसान से लेकर ३० रूपये बेचे और इसी तरह सारी किसान की मेहनत ,खर्च ,रखवाली और बर्बादी का रिस्क लेकर जो भी पैदा करता है वह औने पौने में खरीद कर ये २०० /३०० गुना कीमत तक बेंचे ,ये इनका व्यापार है और व्यापार में सब जायज है स्वीकार करे क्योकि ये अपने है ,ये अपने कारखानों के उत्पादन को कई गुना मुनाफे के कीमत में बेचें आप इन्हें स्वीकार करिए ,ये व्यापार है इसलिए सब जायज है | हाँ इनकी मिलावट ,मुनाफाखोरी ,जमाखोरी ,नकली सामान का बनाना सब जायज है और समाज भक्ति तथा देश भक्ति है | ये थोड़े पैसे लगा कर कुछ ही दिनों में करोडपति ,अरबपति ,खरबपति हो जाते है और जितने बच्चे होते है उतने व्यापार तथा घर बना लेते है पर किसान के जितने बच्चे होते है उनके घर और खेत छोटे होते जाते है | ये कौन सी वयवस्था है | इन पर अंकुश लगाने का कोई कम नहीं होना चाहिए ?इनको मिलावट और नकली सामान बनाने पर देशद्रोह की धरा में इनका चालान नहीं होना चाहिए ? क्या ये तय नहीं होना चाहिए की किसी भी चीज पर अधिकतम कितना मुनाफा लिया जा सकता है और नहीं तो क्या ये मुनाफाखोरी लूट की श्रेणी में नहीं आनी चाहिए ? क्या इनके लिए प्रतियोगिता की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए ? अब ये विचार देश के शासक भी करे ,जनता भी करे और हो सके तो ये व्यापारी भी करे !

गुरुवार, 17 नवंबर 2011

आप दुनिया में किसी भी संगठन या व्यक्ति के बारे में कुछ बी कह दीजिये ,लिख दीजिये ,गालियाँ दे दीजिये पेट भर कर ,सारे झूठी बातें कह दीजिये ,सारे तथ्यरहित यानि पूर्ण रूप से असत्य बाते कह दीजिये | कोई बात नहीं ये आप का अधिकार है और आप एक खास संगठन से सम्बंधित है तो ये आप का और आप के संगठन का पेटेंट है | पर गलती से बी जे पी या आर एस एस के बारे में या उसके किसी व्यक्ति के बारे में कुछ तथ्य और सच्चाई भी लिख दिया या कह दिया तो समझ लीजिये की बर्र्र के छत्ते में हाथ दाल दिया | समझ लीजिये की फिर आप का क्या होगा ? वैसे आप को याद होगा की ये सभी देश में कंप्यूटर आने के घोर विरोधी थे ,तथा इसे रास्त्रविरोधी काम मानते थे ,पर अब तो या तो इन्होने कोई अज्ञात विंग बना दिया है पूरे समय यही बैठने और झूठ का प्रचार करने और सत्य का प्रतिकार करने को या फिर सारे यही बैठे रहते है पता नहीं क्या करने को ? खोज का विषय है ,सुबह सुबह उठ कर किसी मैदान में पता नहीं क्या क्या करने वाले ही ये बता पाएंगे | मुझे भी गालियाँ सुने काफी दिन हो गया था | देखता हूँ इस बार कितनी गालियाँ मिलती है पहले से ज्यादा या --------------

शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

महात्मा गाँधी की हत्या करने वालों से हाथ मिलाने वाले महात्मा गाँधी की समाधि पर क्या करने जाते है ? गाँधी जी की टोपी क्यों पहनते है ? जिन लोगो ने रास्ट्रीय दिवसों पर कभी भी तिरंगा झंडा नहीं फहराया बल्कि अपना झंडा फहराया उनके दिमागी गुलाम बन गए लोग रास्ट्रीय झंडा फहरा कर क्या दिखाना चाहते है ? क्यों ये महत्मा गाँधी को मुह चिढ़ा रहे है और क्यों झंडे का अपमान कर रहे है ? मै तो जानता हूँ पर देश जानना चाहता है | थोड़ी भी ईमानदारी है तो ये खुद ही बता दे | कौन है ये मै क्यों बताऊँ !